TIN Full Form क्या होता है? TIN क्या होता है?

क्या आपने भी आज ही TIN शब्द सुना है और आपको अभी TIN Full Form क्या होता है? और TIN क्या होता है? साथ ही आपको इसके बारेमे अन्य जानकारी चाहिए तो आप सही जगह पर है आपको इस पोस्ट में TIN के बरमे सभी जानकारी मिलनी वाली है तो आप ये आर्टिकल अंत तक जरूर पढ़े।

सबसे पहले आपको ये बतादे की TIN एक Tax के सबंध में एक नंबर है। हम जानेगे की हमारे देश में आखिर TIN का उपयोग क्यों किया जाता है।

जो लोग व्यापर करते है उनको इसके बारमें अधिक जानकरी होगी क्योकि अधिक तर व्यापारी अपना व्यापार अन्य राज्यों के व्यापारियों से करते है उस वक्त TIN नंबर की बात आती है।

लेकिन हर जगह पर TIN लागु नहीं होता है तो इसके बारेमें भी हम इस आर्टिकल में जानेगे तो आप इस आर्टिकल के साथ अंत तक जरूर बने रहे।

TIN Full Form

TIN Full Form क्या होता है?

TIN का Full Form “Taxpayer Identification Number” होता है। TIN एक विशिष्ट पंजीकरण नंबर है। इसका उपयोग व्यापर के सबंध में किया जाता है। VAT के तहद पंजीकृत डीलरों की पहचान करने के लिए इस नंबर का उपयोग किया जाता है। मुख्यता देखा जाये तो येत TIN नंबर 11 अंक का होता है। हमारे पुरे देश में जो व्यापारी इस नंबर का उपयोग करते है उनका नंबर अलग अलग होता है।

TIN Full Form हिंदी में क्या होता है?

TIN का Full Form हिंदी में “करदाता पहचान संख्या” होता है। जैसे की हमने ऊपर पढ़ा ये एक 11 अंक का VAT के तहद पंजीकृत डीलरों की पहचान करने के लिए इस नंबर का उपयोग किया जाता है।

TIN क्या होता है?

TIN (Taxpayer Identification Number) यह एक व्यापर के संबंध में VAT के तहद पंजीकृत डीलरों और व्यापारियों की पहचान करने का Unique नंबर होता है। यह 11 अंक का नंबर होता है और भारत के हर राज्य के हिसाब से इस नंबर में पहले दो अंक राज्य की पहचान बताते है। बाकि के 9 अंक क्षेत्र और जिले के बारेमें जानकारी देते है।

TIN किसी राज्य के भीतर व्यापर के लिए और साथ ही दो राज्य के बिच व्यापार व्यापर के वक्त लागु होता है। आयकर जैसे अधिनियम की तहत Taxpayer की पहचान करने के लिए PAN का उपयोग किया जाता है वैसे ही व्यापारियों की व्यापार की जानकरी रखने के लिए इस TIN नंबर का उपयोग किया जाता है।

Tin नंबर क्यों जरूरी है?

अभी के समय में हर व्यापारी को पैसो के लेन-देन के लिए इस नंबर की जरुरत पड़ती है। अगर कोई व्यापारी ऑनलाइन व्यापर करता है तो भी उसे TIN की जरुरत पड़ती है। इस नंबर की जरुरत इसलिए है क्योकि हर राज्य अपने राज्य से जाने वाले और अपने राज्य में आने वाले सामान पर VAT या सेल्‍स टैक्‍स वसूलती है। तो आपके जानकारी के लिए बतादे की इसी टैक्स की जानकरी के लिए TIN नंबर की जरुरत पड़ती है।

अगर देखा जाये तो अगर कोई व्यापरी 5 से 10 तक का सालाना व्यापर करता है तो उसको टैक्स देना नहीं पड़ता है। लेकिन ये भी ये टैक्स देना है या नहीं देना है और कितना देना है ये पूरी तरह से उस राज्य के ऊपर निर्भर होता है। तो ऐसे में आप जिस भी राज्य के साथ व्यापर करते है उसकी जानकरी आप जरूर ले।

Tin नंबर के लिए जरूरी दस्तावेज कोनसे लगते है।

अगर आप भी TIN नंबर के लिए अप्लाई कारन चाहते है तो आपके पास कोनसे दस्तावेज होने जरुरी है।

  • व्यापारी की 6 फोटो
  • Business Proof ID
  • रेफ्रेन्स ऑफ सिक्यूरिटी
  • LR/GR की Copy
  • Purchase Invoice
  • पहचान पत्र (Aadhar Card / Voter Card / PAN Card)
  • PAN CARD
  • व्यापार के पते का Proof
  • Payment Collection Proof और इसका Bank Statement

ये भी पढ़े – RTGS क्या होता है?

TIN नंबर में पहले दो अंक कुछ इस प्रकार होते है

राज्य का नाम TIN – पहले दो अंक राज्य कोड
Jammu and Kashmir01JK
Himachal Pradesh02HP
Punjab03PB
Chandigarh04CH
Uttarakhand05UT
Haryana06HR
Delhi07DL
Rajasthan08RJ
Uttar Pradesh09UP
Bihar10BH
Sikkim11SK
Arunachal Pradesh12AR
Nagaland13NL
Manipur14MN
Mizoram15MI
Tripura16TR
Meghalaya17ME
Assam18AS
West Bengal19WB
Jharkhand20JH
Odisha21OR
Chhattisgarh22CT
Madhya Pradesh23MP
Gujarat24GJ
Daman and Diu25DD
Dadra and Nagar Haveli26DN
Maharashtra27MH
Andhra Pradesh28AP
Karnataka29KA
Goa30GA
Lakshadweep31LD
Kerala32KL
Tamil Nadu33TN
Pondicherry34PY
Andaman and Nicobar Islands35AN
Telangana36TS
Andhra Pradesh (new)37AD

निष्कर्ष

तो दोस्तों उम्मीद है आपको TIN Full Form क्या होता है? TIN क्या होता है? TIN Full Form हिंदी में क्या होता है। Tin नंबर क्यों जरूरी है? ये सभी जानकारी आपको अच्छी लागी होगी। आपको अगर अन्य जानकारी चाहिए तो आप हमें कमेंट करके जरूर बताये।

Note: नए शुरू किए गए 15 अंकीय GST यानी Goods and Services Taxpayer Identification Number ने अब TIN का स्थान ले लिया है।

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